मुस्लिम लडकी मरियम को भागवत गीता कंठस्थ

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श्रीमद् भागवत गीता किसी भी स्कूल में शिक्षा के रूप में नहीं पढाई जाती है। हाल ही में गुजरात सरकार ने गीता स्कूल पाठयक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है लेकिन उत्तर प्रदेश की एक मुस्लिम लडकी को कुराने के साथ साथ गीता भी कंठस्थ है। वह वर्ष 2015 में गीता गर्ल का खिताब भी जीत कर अपने नाम कर चुकी हैं।
फतेहपुर जिले के हथगांम क्षेत्र के मोहम्मदाबाद गांव की रहने वाली मरियम सिद्दीकी आसिफ सिद्दीकी की बेटी हैं। एक दिन जब वह मात्र आठ साल की थी तब अचानक ही उसने अपने पिता आसिफ सिद्दीकी से पूंछ लिया कि यह हिन्दू क्या होता है। आसिफ सिद्दीकी अपनी मासूम बेटी के इस मासूम से सवाल का जबाव नहीं दे पाए और उन्होंने काफी विचार करने के बाद बाजार से श्रीमद्भागतवत गीता की किताब खरीद कर ला दी। इसके साथ ही कहा कि तुम्हारे सवाल का जबाव इस किताब में मिल सकता है। इसके बाद से मरियम ने नियम से गीता पढना शुरू कर दिया। मरियम ने गीता को इतनी तल्लीनता से पढा कि उसने गीता को कंठस्थ ही कर लिया। मरियम को गीता के साथ ही कुरान भी कंठस्थ है। मरियम ने मात्र 12 साल की आयु में श्रीमद्भागवत गीता व कुरान दोनों ग्रंथ कठस्थ कर लिए थे।
यहंा आपको बता दें कि भगवान श्री कृष्ण का प्रचार प्रसार करने वाली संस्था इस्कान ने वर्ष 2015 में श्रीमद्भागवत गीता को लेकर एक प्रतियोगिता आयोजित की थी। जिसमें गीता से संबंधित प्रश्न ही पूंछे गए थे। इस प्रतियोगिता में मरियम सिद्दीकी ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इस प्रतियोगिता के बाद प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने मरियम को सम्मानित किया था। इसके बाद से मरियम को गीता गर्ल का खिताब भी मिला था। मरियम राजनीति में आकर अपने देश की सेवा करना चाहती हैं। मरियम के अनुसार सभी धर्मों का संदेश नेकी व इंसानियम है। वह समाज में गीता व कुरान संदेश फैलाकर सामाजिक सद्भाव पैदा करना चाहती हैं।

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