रहडिया के खाद के गड्ढों में रोके नहीं रूक रहा है अवैध निर्माण

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रहडिया के खाद के गड्ढों

रहडिया में खाद के गड्ढों में बारात घर का निर्माया रोके नहीं रूक रहा है। ग्रामीणों की शिकायतें बेकार जा रही हैं। लेखपाल ने पहले कहा था कि तहसीलदार के आदेश से हो रहा है यह अवैध निर्माण लेकिन अब लेखपाल का कहना है कि रूकवा दिया है लेकिन निर्माण अभी भी नहीं रूका है। ग्रामीणों ने पुनः जिलाधिकारी से खाद के गड्ढों में बरातघर के निर्माण को रूकवाने की मांग की है।
यहंा बता दें कि जनपद बदायूं के तहसील बिसौली के गांव रहडिया में गाटा सं 1506ध्1 रकवा 0.052 है0 व सडक के बीच में खाद के गड्ढों की भूमि है। ग्राम प्रधान जान बूझकर इस गाटा सं 1506ध्1 के लोगों के रास्ते को बंद करना चाहता है इस कारण से उसने इस भूमि पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया। जब शिकायत की गई तब ग्राम प्रधान ने इस निर्माण का नाम बारात घर रख दिया। लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद गांव पर तैनात लेखपाल सुनील कुमार ने गांव आकर मौके को देखा व निर्माण कार्य को रूकवा दिया। इसके बाद प्रधान ने तीन दिन बाद दोबारा से यहां फिर से निर्माण कार्य शुरू करा दिया। इसके बाद प्रधान से बात की गई। तब प्रधान ने बताया कि यहां निर्माण होगा कोई रोक नहीं पाएगा। इस संबंध में गांव के ही रहने वाले जोगराज आदि ने मुकदमा भी न्यायालय सिविल जज जू0डि0 बिसौली के न्यायालय में प्रस्तुत किया है।

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जिसमें जिलाधिकारी व खंड विकास अधिकारी को भी पक्षकार बनाया गया है लेकिन अभी तब पक्षकारों के द्वारा न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के बजाए निर्माण कार्य जारी रखा है। लेखपाल से जब दोबारा शिकायत की गई व बताया गया कि जो निर्माण कार्य आपके द्वारा रूकवाया गया है। वहां प्रधान व उसके साथियों द्वारा फिर से निर्माण कार्य किया जा रहा है। तब लेखपाल सुनील कुमार ने बताया कि मैंने अपनी रिपोर्ट तहसीलदार बिसौली को दे दी है। अब जो भी निर्माण हो रहा है। वह तहसीलदार साहब की अनुमति से ही हो रहा है। अब यहंा सवाल यह उठता है कि क्या तहसीलदार बिसौली खाद के गड्ढों में किसी निर्माण की अनुमति दे सकते हैं। यदि नही ंतो निर्माण कार्य क्यों हो रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की है कि तहसीलदार बिसौली की अनाधिकार अनुमति से बरात घर का निर्माण चल रहा है। उसे रूकवाया जाए व यह भूमि खाद के गड्ढों के लिए सुरक्षित रहे। वास्तव में राजस्व संहिता का कानून यह है कि आरक्षित भूमि का प्रयोग किसी भी दूसरे मकसद के लिए नहीं किया जा सकता है। इस बारे में पूंछने पर तहसीलदार बिसौली ने बताया कि खाद के गड्ढों की भूमि पर कोई निर्माण नियमानुसार नहीं हो सकता है मैंने कोई भी अनुमति किसी को नहीं दी है। यह निर्माण लेखपाल को कहकर अभी रूकवाया जाएगा।

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